शेखोपुरसराय के पन्हेशा गांव में मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बन रहे 1.57 करोड़ रुपये के पुल में ढलाई ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो भविष्य में बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है।
जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। अधिकारियों द्वारा तकनीकी जांच कराने का आश्वासन दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा।
विभाग ने दी सफाई, कहा- गर्मी के कारण हो सकती है सतही दरार
वहीं इस मामले में विभागीय पक्ष भी सामने आया है। सहायक अभियंता वंदना कुमारी ने बताया कि भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण ताजा ढलाई वाले कंक्रीट में कई बार सतही दरार जैसी स्थिति दिखाई पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक निरीक्षण में दरार नीचे तक नहीं पाई गई है। यह केवल ऊपरी सतह पर दिखाई देने वाली सामान्य स्थिति हो सकती है। उन्होंने बताया कि ढलाई के बाद निर्धारित अवधि तक नियमित रूप से पानी का छिड़काव (क्योरिंग) किया जाना आवश्यक होता है और इसके लिए व्यवस्था की जा रही है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी लोगों की नजर
फिलहाल पूरे मामले में ग्रामीणों और प्रशासन की नजर प्रस्तावित तकनीकी जांच पर टिकी हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पुल में दिखाई देने वाली दरार सामान्य तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है या फिर निर्माण गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी का संकेत।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सार्वजनिक धन से बनने वाली परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई से ही लोगों का भरोसा कायम रह सकेगा।



